বেঙ্গলি সেক্স স্টরি

गौतम बुद्ध ची माहिती मराठी

गौतम बुद्ध ची माहिती मराठी, नीलम ने रघु की पीठ पर तेज़ी से अपने दोनों हाथ घुमाते हुए कहा- आह्ह.. रघु ओह डाल दे..अपना लण्ड अपनी काकी की फुद्दी में आह्ह.. मेरी जान… रजनी: नही पहले हुआ था एक बार….जैसे तुम्हे पहली बार हुआ था वैसे ही थोड़ी देर के लिए फिर मज़ा आने लगता है…..

मीरा- ठीक है मेरे आशिक.. जैसा तुम कहो.. अब करना ही पड़ेगा.. तुमसे प्यार जो करती हूँ.. मीरा ने अपने हाथों से गाण्ड को फैलाया तो राधे ने झट से सुपाड़ा गाण्ड में फँसा दिया और दबाव बनाने लगा। नीलम की चूत में से पानी निकल कर उसकी गाण्ड के छेद को भिगोने लगा और वो अपनी गाण्ड के छेद पर गीला पर महसूस करके और मदहोश हो गई।

इस स्पर्श मात्र से ही जयसिंह के तन बदन में सिहरन सी दौड़ गयी, उसके लन्द में खून दुगुनी रफ्तार से दौड़ने लगा , उसकी सांसो की रफ्तार बढ़ गयी, गौतम बुद्ध ची माहिती मराठी कनिका ने अपनी टीशर्ट को पकड़ कर ऊपर करते हुए उतार दिया….और फिर बेड पर बैठते हुए अपनी ब्रा के हुक्स खोल कर उसे भी जिस्म से अलग कर दिया….ब्रा को अपने बदन से अलग करने के बाद, उसने जयसिंह की ओर देखा, जो उसकी छोटी छतों अधपकी चुचियों को खा जाने वाली नज़रो से देख रहा था.

बिहार के सेक्सी वीडियो एचडी

  1. रजनी ने अपने चूचियों के चूचकों को अपने हाथों से मसलते हुए कहा- आहह.. आह.. सोनू धीरे कर ओह्ह.. मर गइईए रे.. धीरे बेटा.. ओह आह्ह.. ओह्ह और बहुत मज़ा आ रहा है.. सोनू ओह्ह धीरे बेटा आह्ह.. उह चोद मुझे आह्ह..।
  2. मैं भी यही चाहता हूं कि दिन रात अपने इस मोटे लंड को तुम्हारी चुत में ही घुसाए रखूं और तुम्हे हर पल छोड़ता रहूं जयसिंह अब पूरी बेशर्मी पर उतर आया था, वो मनिका को पूरी तरह से खोलना चाहता था കമ്പികഥ മലയാളം പുതിയത് 2016
  3. रजनी सोनू की आँखों में देखते हुए अपना एक हाथ नीचे ले गई और सोनू के लण्ड को पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर टिका दिया और सोनू के आँखों में देखते हुए धीरे-धीरे अपनी चूत को सोनू के लण्ड पर दबाने लगी। इधर जयसिंह की हालत भी बुरी होती जा रही थी, मनिका के खूबसूरत मम्मे उसकी चौड़ी छाती में धंसे जा रहे थे, मनिका के यौवन की मादक खुसबू उसके नथूनों में घुसकर उसे मदहोश किये जा रही थी, ऊपर से उसका लंड अब बुरी तरह फनफना रहा था और मनिका की जांघो पर सटा पड़ा था
  4. गौतम बुद्ध ची माहिती मराठी...आप बड़े भोले है पापाआआआ..... आप इतना भी नहीं जानते कि आपका ये हथियार मेरे किस अंग पर चुभ रहा था..... रुको मैं आपको खुद ही दिखाती हूं राधे- अरे बाप रे.. तू खुद लेकर आई.. किसी ने देखा तो नहीं ना.. वरना कोई पापा को बोल सकता है कि मीरा बीयर लेकर गई थी।
  5. बेला (सोनू को पीछे से आवाज़ लगाते हुए) हाँ.. सेठ जी भी आ गए हैं। तुम्हारे बारे में पूछ रहे थे कि कहीं नज़र नहीं आ रहा। काफ़ी दूर चलने के बाद बेला एक घाट पर रुकी और अपने साथ लाए हुए कपड़े की गठरी को नीचे रख कर अपनी चोली खोलने लगी।

छक्कों की चुदाई

बेला- ओह्ह.. बेटा ले.. मजा आ रहा है नाआअ.. अपनी काकी की फुद्दी मार कर्ररर.. ओह बेटा ले चूस्स्स लेए जीईए भरररर तुन्न्न् मुझसे नाराज़ तो नहीं हाईईईईई ओह…

अंदर आकर वो सीधा बाथरूम में घुस गए.....और हथेलियों से पानी अपने मुंह पर मारने लगे, उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था मानो कहीं दूर से भागकर आ रहे हो, उनकी हार्ट बीट तेज़ हो गई थी, उन्हें पसीना आने लगा, उन्होंने तुरंत अपने कपड़े निकाले और शावर के नीचे आकर खड़े हो गए ये सब देख कर रघु का लण्ड एकदम फूल गया। बेला की चूत से निकल रही मूत की धार देख कर उसे अपनी आँखों पर यकीन नहीं हो रहा था।

गौतम बुद्ध ची माहिती मराठी,रजनी ने अपनी आँखें खोल कर सोनू की तरफ देखा, सोनू अपनी अधखुली आँखों से रजनी की गुंदाज चूचियों की तरफ देख रहा था और उसके नकुओं से गरम हवा निकल कर उसकी चूचियों से टकरा रही थी, जिससे एक बार फिर वासना अपना असर रजनी के दिमाग़ पर दिखाने लगी।

अब तो बस नीरज होंठों को ऐसे चूसने लगा जैसे कभी दोबारा रोमा हाथ में नहीं आएगी। उसकी वासना जाग उठी और उसके हाथ रोमा के चूतड़ों पर चले गए, वो उनको दबाने लगा।

मीरा- अरे सॉरी मेरे आशिक.. रात को ज़्यादा पी गई.. होश ही नहीं रहा मगर तुम तो होश में थे ना.. मैं सो गई तो क्या था.. लौड़ा घुसा देते मेरी चूत में.. मैं उठ जाती..പഴയ മലയാള സിനിമ

सेठ दुकान पर जा चुका था.. तो रजनी चुपके से अपने कमरे से बाहर निकल कर पीछे सोनू के कमरे की तरफ चल पड़ी। मनिका अब इस घुप्प अंधेरे में भी अपने पापा के मोटे लंड को देखने की कोशिश करने लगी, उसने अपनी आंखों को धीरे-धीरे नीचे की तरफ घुमाया, अब मनिका की नजरें जयसिंह के लंड पर आ टिकी थी ,अंधेरे में भी मनिका एकटक अपने पापा के खड़े लंड को देखने की लगातार कोशिश कर रही थी,

उधर घर के पीछे जब दीपा गुसलखाने की तरफ पहुँची, तो उसने देखा कि सोनू उस सामान को एक कोने में इकठ्ठा कर रहा था.. जिसे उसने बाहर निकाला था।

रोमा- है मेरे जानू.. ज़रा सोचो.. अगर उस रात तुम मेरी चूत के बजाय गाण्ड मारोगे.. तो तुमको कितना मज़ा आएगा और मुझे दर्द होगा तभी तो लगेगा ना.. हमारी सुहागरात बनी है.. समझे तुम?,गौतम बुद्ध ची माहिती मराठी रघु को चुप देख कर गुंजा ने अपना हाथ आगे बढ़ा कर रघु के लण्ड को पजामे के ऊपर से पकड़ लिया..और धीरे-धीरे उसके लण्ड को सहलाने लगी।

News