भाभी देवर का रोमांस

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रोटी बनाने वाली मशीन दिखाइए, वो शहर के बाहरी छोर पर था और करीब 4 किलोमीटर दूर… वहाँ बार-डांसर भी थीं जो काफी कम कपड़ों में सेक्सी डांस करती हैं.. खाना और ड्रिंक सब कुछ मिल जाता है…और कपल्स भी आते थे… इसलिए कोई डर नहीं है… रिया- वो क्या कहेंगे?? उनको तो ग्रुप सेक्स का चस्का है… वो तो खुद अपने ही हाथों से अपने दोस्तों का लण्ड पकड़कर मेरी चूत में डालते हैं, वो तो बहुत एडवांस और मॉडर्न हैं.

मैंने जैसे ही हाथ लगाया तो सलोनी के दोनों निप्पल थूक से लसलसे से दिखे, मैंने तुरंत सलोनी की चूत को हाथ लगाया तो ओह…??? अपने ही बैडरूम में भाभी के साथ अपना लण्ड चुसवाना मुझे बहुत रोमांचित कर रहा था…मैंने एक बार दरवाजे के बारे में सोचा कि कहीं खुला तो नहीं है, मैं बोला- भाभी दरवाजा?मैंने बस इतना ही कहा था… भाभी ने लण्ड चूसते हुए ही आँखों से बंद होने का इशारा किया…मतलब वो पूरी योजना बनाकर आई थी.

रोजी के साथ ऑफिस का काम निबटाने में बहुत ही मजा आ रहा था. अब हम काफी हद तक खुल गए थे, मेरे मजाक करने और हमेशा खिलखिलाने से वो बहुत सहज हो गई थी. रोटी बनाने वाली मशीन दिखाइए नीलम- बस वो ही हमेशा की तरह, लड़कियों की बातें और कैसे शालिनी जो चाहती है वो इच्छा आप इसकी पूरी करते हो,,, यही सब ,,, पढ़ाई-लिखाई के बारे में भी थोड़ी बहुत बातें हो रही थी,,,, और मैं शालिनी से उसके ब्वायफ्रेन्ड के बारे में भी,,,,

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  1. फिर ज्योति को मै अपने गोद में उठाकर बेडरूम में ले गया, और मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया। वो नाइटी में बहुत मस्त दिख रही थी, तो मै उसके करीब बैठकर उसके नाइटी को ऊपर की और करने लग गया।
  2. शालिनी का एक हाथ सीधा और दूसरा उसकी पैंटी के ऊपर था .... शायद ये भी सहला रही हो अपनी बुर .... और सहलाते सहलाते हुए सो गई होगी ,,, । हिंदी में बीपी वीडियो
  3. शालिनी उस लेडी से काफी बातें कर रही थी और वो चतुर सेल्सगर्ल की तरह उसे बालों में लगाने वाले क्लेचर ,क्रीम वगैरह पसंद कराती जा रही थी। मोहन- क्या बात है स्वेता......सब ठीक तो है ना.......ऐसा क्या किया है अदिति ने जो तुम इसपर अपना हाथ उठा रही हो..........
  4. रोटी बनाने वाली मशीन दिखाइए...कुछ देर पैंटी चूसने के बाद विशाल मेरी पैंटी को मेरे मूह से बाहर निकाला और जहाँ मेरी थूक लगी थी वो उसे फिर से अपने मूह में लेकर चूसने लगा......ऐसा उसने मेरे साथ भी किया.........अब तक मेरे अंदर की तपीश अपनी चरम सीमा पर थी........इधेर मेरी चूत से बहता पानी अब रुकने का नाम नहीं ले रहा था........ फिर ऐसे ही मस्ती करते हुए हम शादी वाली जगह पहुँच गए.यहाँ तो चारों ओर मस्ती ही मस्ती नजर आ रही थी, बहुत ही शानदार होटल था, सभी कमरे ए सी थे और 3-4 लोगों के लिये एक कमरा सेट था.
  5. राजन सबकी मुखाकृतियों को देख रहा था-सामने से कुंदन आता दिखाई पड़ा। वह भी आज बहुत प्रसन्न था। निकट आते ही बोला, ‘क्यों राजन? तुम्हें भी कुछ मिला।’ मधु के उकड़ू बैठने से उसके नंगे चूतड़ और खिली चूत ठीक मेरे चेहरे पर थे… उसकी फ्रॉक सिमटकर मेरे हाथो से दबी थी…

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विशाल अपनी जीभ धीरे धीरे मेरी चूत के चारों तरफ फेरने लगा और मैं किसी जल बिन मछली की तरह वही बिस्तेर पर तड़पने लगी.......वो फिर अपना जीभ धीरे से सरकाते हुए मेरी चूत पर ले आया और उसने बहुत आहिस्ता से मेरी चूत पर अपनी दाँत गढ़ा दिए.......इस बार मैं बहुत ज़ोरों से चिल्ला पड़ी......

मुझे नहीं पता कि उसने खुद पहनी या अंकल ने मदद की मगर साड़ी बहुत ही फैशनेबल स्टाइल में बंधी हुई थी, उसका ब्लाउज भी बहुत ही मॉडर्न था, कुल मिलाकर सलोनी क़यामत लग रही थी. मैं- मैं तो मजे ले ही रहा हूं,,, तुम्हें चाहिए तो बोलो ... और हां तुम्हारे मजे में डंडा नहीं कुछ और काम आयेगा ।

रोटी बनाने वाली मशीन दिखाइए,मैं ये जानते हुए भी कि विशाल मेरे पीछे खड़ा है मगर मैं अपने आप को अपने काम में उलझाए रखना चाहती थी.......तभी विशाल मेरे एक दम करीब आकर मुझसे सट कर खड़ा हो गया.......इस वक़्त उसका लंड मेरी गान्ड पर दस्तक दे रहा था......एक बार फिर से मेरी साँसें ज़ोरों से चलने लगी थी........

इतने में मौसी की भारी-सी आवाज ने कंचन को पुकारा। वह जाने को उठी-पार्वती ने उसका हाथ पकड़ लिया और बोली-‘हमारी आज्ञा न सुनोगी?’

इन्हीं विचारों में खोया-खोया काम कर रहा था कि मैनेजर व माधो वहाँ आ पहुँचे। राजन ने दोनों को नमस्कार किया। मैनेजर राजन के समीप होकर बोला-ब्लू पिक्चर चाहिए वीडियो

सलोनी- हाँ जानू, जब वो मुझे खुद से चिपकाता तो अपनी कमर भी मेरे से चिपका देता था, तो मुझे उसका अहसास तो होगा ना… पता नहीं सलोनी क्यों अभी भी लण्ड से दूर हो रही थी.. शायद उसको मेरे सामने चूत में गैर लण्ड लेते शर्म आ रही होगी..

शालिनी- हां भाई,, मुझे बहुत डर लग रहा है तबसे,, वो लड़की का कई साल पुराना अफेयर था उस लड़के से,,, बहुत प्यार भी करते थे एक दूसरे से,,, पर उस कमीने लड़के ने उसकी इज्जत खराब कर दी,,, साथ ही साथ उसके परिवार की भी,,, लड़के सब ऐसे ही गन्दे होते हैं,,,

जब दोनों बाहर चले गए तो राजन शीघ्रता से बाहर आ गया और ड्यौढ़ी के किवाड़ खोल अंदर देखने लगा। दोनों शीघ्रता से नदी की ओर बढ़े जा रहे थे, जब वे काफी दूर निकल गए तो राजन ने ठंडी साँस ली और दबे पाँव पार्वती के कमरे में पहुँचा।,रोटी बनाने वाली मशीन दिखाइए अब दोनों खड़े खड़े एक दूसरे को चूम रहे थे, तो मेरा मुंह ज्योति दीदी के रसीले होंठो को अंदर ले कर उसका रस अपने होंठ में भरकर चूसता रहा था होंठ ज्योति दीदी मेरा पूरा साथ दे रही थी, और उसकी बूब्स मेरे छाती से चिपके हुये थे।

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