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पाण्याचे गुणधर्म काय

पाण्याचे गुणधर्म काय, ‘वाह क्या नजारा था ! मेरी मम्मी मेरे लंड से बड़े मजे से चुद रही थीं, उसके बोबे खूब मचल रहे थे और उसके मुँह में सिगरेट फंसी थी, और छिनालों के जैसे आवाजें निकाल रही थीं।’ रसिका भाभी: काका (मेरे पिताजी) मेरी तबियत कुछ ठीक नहीं है| और फिर इतने दिनों बाद वरुण आया है तो आप बड़की अम्मा को साथ ले जाइये मैंने यहाँ खाना वगेरह संभाल लुंगी|

मम्मी ने अपनी गर्दन को मेरे कंधे पर रखते हुए अपने गाल को मेरे चेहरे से सटा दिया और रगड़ते हुए बोलीं- क्या हुआ, क्या तुम्हें पेशाब नहीं आ रही है? करो, दिखाओ मुझे तुम कैसे पेशाब करते हो? मैंने तुम्हें चोदते हुए तो देखा ही है। मुझे आप पर पूरा भरोसा है जीजू, फिर भी बहुत डर लग रहा है. पता नही क्या होने वाला है. कामिनी का डर कम नही हो पा रहा था.

मैं: दूसरी शर्त, मैं ये सब सिर्फ मजबूरी में कर रहा हूँ! ये सिर्फ एक बार के लिए है और तुम दुबारा मेरे पीछे इस सब के लिए नहीं पड़ोगी? पाण्याचे गुणधर्म काय Woh to aur zor se andar bahar hilne laga, aur meri chhooth ab aur bhi nazuk ho gayee thee, har chhoti si jagah par main mehsoos kar rahi thi, jahaan bhi woh mujhe chhoo raha tha.

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  1. तो लिंग योनि में घुस गया और मैंने भी अपनी कमर पर जोर दिया तो लिंग मेरी योनि के अंतिम छोर तक घुसता चला गया।
  2. भौजी: पिछले तीन घंटों से आप मुझे प्यार कर रहे हो तो थको गए ही ना! चलो आप लेटो मैं दूध बनाके ले आती हूँ! देसी विलेज भाई बहन सेक्स वीडियो
  3. मेरी साली का चेहरा शर्म से लाल हो रहा था. कामिनी की स्वीकरति मिलते ही मैने उसके नाज़ुक बदन को अपनी बाहो मे भींच लीया और उसके पतले पतले गुलाबी होंठो को चूसने लगा. भौजी: जिसकी भी थी...अब वो रो अवश्य रो रही होगी की उसके भरसक प्रयास के बात भी हमारे बीच कोई दरार नहीं आई| खेर...अभी वो समय नहीं आया जब गर्भवती महिलाओं को भारी सामान उठाने से मना किया जाता है|
  4. पाण्याचे गुणधर्म काय...अब दोस्त को मना कैसे करूँ...वो भी जिगरी दोस्त को! मैंने घर फोन कर दिया की मैं लेट आऊँगा| शायद भौजी भी वहीँ मौजूद थीं और उन्होंने भी सुन लिया था की मैं लेट आऊँगा...इसलिए उन्होंने दो मिनट बाद अपने मोबाइल से फोन किया; मैं आखरी बूंद गिरने तक झटके देती रही, जब तक मैंने पूरा पानी नहीं छोड़ दिया, तब तक शुरू में थोड़े जोरदार, फिर धीरे-धीरे उनकी गति भी धीमी होती चली गई।
  5. हमें मस्ती करने के लिए लगातार 16 दिन मिल गए थे। इस बीच तो हमने हद पार कर दी थी, मैंने कभी सोचा ही नहीं था कि मैं इतनी इतनी बार सम्भोग करुँगी। Main sub samajhti hun chalaak kahin ka! Tujhe sub maloom hai phir bhi anjaan banta hai bhabhi lajate hue boli. lagta hai tujhe padhna likhna nahin hai, main sone ja rahi hun.

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मैं डर गई कि कहीं उसने मेरे और सुरेश के बीच में जो हुआ वो देख तो नहीं लिया था। सो घबरा कर बोली- पागल है क्या तू?

बड़के दादा: अब सुनने के लिए कुछ नहीं बचा है! चले जाओ यहाँ से...इससे पहले की मैं भूल जाऊँ की तू मेरा ही भाई है! बड़के दादा: आओ मुन्ना... बैठो| कैसी तबियत है? घाव कुछ भरे लगते हैं.... दर्द कम हुआ? नहीं तो चलो डॉक्टर के ले चलें|

पाण्याचे गुणधर्म काय,Aur phir usne vo kiya jiski mujhe bilkul bhi ummeed nahi thi. Aage badhkar usne mera gaal choom liya aur dheere se mere kaan mein boli

लोग सो रहे थे किसी को न्ही सुनाई पड़ा जब 2 मिनूट तक कोई बाहर न्ही निकला तो सरदार ने 1 गोली चलाई जिसकी आवाज़ से ही सब कोप के भीतर हड़बदा उठे कि क्या हो गया है लेकिन कोई बाहर ना निकला और टाय्लेट मैं रत्ना कातो डर के मारे पेशाब ही रुक गया

हम सारे तैयार हो के एक साथ निकले| मैं भौजी को सामान खरीदने के लिए बाजार ले गया| बच्चे इन दिनों में अपनी मम्मी से मिल रहे रूखेपन के करण उन से नाराज थे और मुझसे बातें करते थे और भौजी के आते ही चुप हो जाते थे| आज भी दोनों चुपचाप चल रहे थे|चूत और लंड का वीडियो

मैं: जब तक डिलिवरी नहीं हो जाती आप यहाँ नहीं रहोगे? आप आपने मायके में ही रहोगे? एक तो आपका मायका Main रोड के पास है ऊपर से यहाँ दो-दो शैतान हैं जो इस बच्चे को शारीरिक नहीं तो मानसिक रूप से कष्ट अवश्य देंगे! उसने आज इसी काम के लिए मुझे चुना था। सो उसने फोन पर विभा से कहा- यदि वो चाहे तो उसके लिए एक लंड का इंतजाम कर सकती है।

बड़की अम्मा: मुन्ना तकलीफ कैसी...वासी भी अभी जर्रुरी ये है की तुम बहु का ध्यान रखो| एक तुम ही तो हो जिसकी बात वो मानती है| अच्छा ये बताओ की आखिर ऐसी कौन सी बात है की तुम रसिका के हाथ का कुछ भी खाना पसंद नहीं करते?

भौजी: नहीं माँ....वो घर में माँ और पिताजी इनसे मिलना चाहते थे| आखिर इनके कहने पर ही तो मैं मायके गई थी| अब इनसे मिलना तो हो नहीं पाया इसलिए माँ-पिताजी ने मुझे कहा की तुम एक अच्छी सी टी-शर्ट गिफ्ट कर देना| तो उस दिन मैं अपने भाई के साथ बाजार गई थी| वहाँ मुझे ये टी-शर्ट पसंद आई तो मैं ले आई|,पाण्याचे गुणधर्म काय सबसे पहले पंचों ने माधुरी के घरवालों को बात कहने का मौका दिया और हमें चुप-चाप शान्ति से बात सुनने को कहा| उनके घर से बात करने की कोई हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था, इसलिए माधुरी स्वयं कड़ी हो गई|

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